Sunday, 7 July 2019

जानेंछले कुछ वर्षों में

जानेंछले कुछ वर्षों में



मंत्री asta echeme के बारे में जानेंछले कुछ वर्षों में, मोदी सरकार ने भारत के नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं पेश की हैंलोगों की वित्तीय पृष्ठभूमि

 और धर्म के परे प्रधान मंत्री योजनाओं ने देश के सभी लोगों को लाभान्वित किया है सरकार ने लोगों के लिए पेंशन योजना,  बीमा योजना और कई अन्य बचत योजनाओं

 के साथ समाज के सभी पहलुओं को देखा और उस पर सुधर के लिए प्रयासकार का अगला कदम है eBasta Scheme जिसके माध्यम से भारत सरकार बेहतर तरीके से

देश भर के बच्चों को शिक्षा प्रदान करेगीBasta एक framebook है जिससे स्कूल की पुस्तकों को डिजिटल रूप में e-books के रूप में उपलब्ध कराया जा

 सकता है क्योंकि e-books को पढ़ने के लिए Tablet और इस्तेमाल किया जा सकता है स योजना का मुख्य विचार विभिन्न प्रकाशकों और स्कूलों को  साथ एक मंच प

र  लाना स पहल का प्रबंधन Center for Development of Advanced Computing द्वारा चलाया जाता  हिंदी शब्द है जिसका अर्थ है School Bagह एक Onlin

e platform है जिसका उपयोग शिक्षक, प्रकाशक और छात्र internet के माध्यम से कर सकते हैंइस Platform पर, पाठ्यक्रमों के आधार पर सभी पुस्तकें upload की गई हैं, और छात्रों और शिक्षकों को केवल सामग्री डाउन

लोड कर अध्ययन करना है  से download की जा सकने वाली सामग्री को Mobile phone, Tablet या Computer पर पढ़ा जा सकता है और शिक्षकों को केवल उ

न सभी पाठ्यक्रमों का चयन करना है जो वर्तमान में चल रहे हैं उन्हें  download करनाताबों का चयन बोर्ड के अनुसार उस वर्ष के लिए तय किये गए पाठ्यक्रम के अंतर्गत school faculty द्वारा  किया जimplement किया गया f

ramework तीन श्रेणियों के हितधारकों को एक साथ लाता है : the publisher, the school और the stuह उन्हें निम्नलिखित functionalities प्रदान क

रता हथ meta-data covering class, language, subject, price, preview pages आदि  upload कर सकते हublication content को भी

 review के लिए upload किया जा सकता है और ये download के लिए उपलब्ध नहीं होंrtal के उपयोगकर्ताओं द्वारा दिए गए

Monday, 3 June 2019

Pata Nahin Hua Hai

Pata Nahin Hua Hai







धान मंत्री सुरक्षा बीमा योजनादुर्घटना बीमा योन मंत्री सुरक्षा रत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और फ्लैगशिप सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की हैः प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

 (पीएमएक दुर्घटना मृत्यु और विकलांगता बीमा योजना है।रत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों में रहता है और उनमें से ज्यादातर किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना

 आपको प्रमाण पत्र पेश करना होगा जिसके बाद आप तीसरा खाता खुलवा सकते हैं। किसी भी दशा में 3 से अधिक खाता नहीं खोला जा सकता है। खाते में न्यूनतम राशि 250 रुपए 

अधिकतम राशि 1,50,000 वार्षिक जमा की जा सकती हैजना की ब्याज दर घटस खाते की कुल अवधि 21 साल है और इस खाते पर ब्याज 8.40% का है। हाल ही 

में केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं से 0.1 फीसदी ब्याज की कटौती की थी जिसके बाद इन खातों पर भी मिलने वाला ब्याज कम हो गया है। इस योजना के तहत 

मिलने वाला ब्याज परिवर्तनीय होता है। योजना में आपको आयकर अधिनियम, 1961 की धारा (सी) के अंतर्गत टैक्स की छूट दी ज साल वर्ग में 1000 लड़कों के बीच

 परिभाषित बाल लिंग अनुपात में प्रतिलड़कियों की संख्या में गिरावट की प्रवृत्ति, 1961 से लगातार देखी जा रही है।

 के दायरे में नहीं आते। इस आबादी के एक बड़े तबके को तो अब तक बैंकिंग प्रणाली का भी लाभ नहीं मिला है। ज्यादातर को अब भी समय-समय पर शुरू की गई कई सरकारी योजनाओं की 

जानकारी नहीं मिली हैधारण और गरीब लोगों की जिंदगी में शामिल इस गंभीर असंगति को ठीक करने के लिए भारत के प्रधान मंत्री ने 9 मई 2015 को कोलकाता में 

पीएमएसबीवाय योजना शुरू की। इसके साथ ही दो अन्य बीमा और पेंशन योजनाएं भी शुरू की गई। इन योजनाओं को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात

 से लगाया जा सकता है कि इनकी सफलता के लिए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को राज्यों की राजधानियों और बड़े नगरों में भेजा गया। ताकि एक साथ कई जगहों से इन 

योजनाओं का शुभारंभ हो सके। साथ ही सफल क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होवर्ती सरकारों की ओर से शुरू की गई अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से यह योजना किस 

तरह मएसबीवाय के दो प्रमुख पहलू है, इससे इसके पेश करने का नजरिया अलग हो जाता है। पहला, समावेशन का शुद्ध आकार और गहराई, इस योजना का फायदा 

अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, जो इसे बहुत महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण बनाता , यदि किसी परिवार का कमाऊ सदस्य दुर्घटना में स्थायी रूप से विकलांग हो 

जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सहयोग या संरक्षण के लिए कोई संस्था या समूह आगे नहीं

Saturday, 1 June 2019

Mein Hi Tha Ho Gaya Abhi Hi

Mein Hi Tha Ho Gaya Abhi Hi




पीएमएसबीवाय योजना में शामिल होकर और सिर्फ 12 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष प्रीमियम चुकाकर वह बीमा कवर हासिल कर लेगा। दुर्घटना में मौत या स्थायी तौर पर विकलांगता पर

2,00,000 (दो लाख) रुपए या आंशिक लेकिन स्थायी विकलांगता होने पर 1,00,000 (एक लाख) रुपए का बीमा मिलेगा। यह योजना एक साल के लिए वैध रहेगी।

इसका हर साल नवीनीकरण किया जा सकता -सी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को घर के पास वित्तीय प्रणाली अधोसंरचना की कमी की वजह से लोगों से

 अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला। इतना ही नहीं, खाते खोलने या दावे करने में जो कागजी कार्यवाही करनी पड़ती थी, वह बहुत ज्यादा थी। यहां तक कि प्रणाली में लीकेज (भ्रष्टाचार)

की वजह से भी बड़ा तबका इन योजनाओं का फायदा उठाने से दूर ही रहा। इन समस्याओं को मौजूदा सरकार ने दूर करने की कोशिश की है। सामाजिक योजनाओं के निष्पादन

और तंत्र की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी भुगतान हितग्राही के अकाउंट में सीधे होंगे, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं रहेगएसबीवाय के

 तहत कौन पात्रऔर 70 वर्ष आयु समूह के बीच का कोई भी व्यक्ति, जिसका बचत बैंक खाता और आधार कार्ड हो, वह इस योजना से जुड़ सकता ह आसान फॉर्म भरना होगा, नॉमिनी का नाम लिखना होगा और आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना होगा।

 व्यक्ति को हर साल एक जून से पहले इस योजना में बने रहने के लिए फॉर्म जमा करना होगा। इससे खाता आसानी से सक्रिय किया जा सकता है और पूरा प्रीमियम उसके खाते से खुद-ब-खुद काट लिया जाएगा।

अन्य शब्दों में, व्यक्ति को सिर्फ बैंक खाता खोलना होगा और फिर सुनिश्चित करना होगा कि हर साल 1 जून से पहले कम से कम 12 रुपए खाते में उपलब्ध रहे। ताकि योजना का नवीनीकरण हो जाए।

 पहला- कि आप अपने नजदीकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जाएं और वहां शाखा प्रबंधक से इस विषय में जानकारी मांगे। शाखा प्रबंधक आपको इस योजना के विषय में हर बात बताएंगे

 दूसरा तरीका है कि आप इंटरनेट के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जाएं और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कता

खोलने के लिए जरूरी दस्तावेकी के जन्म का प्रमाण पत्र  माता-पिता का फोटो पहचान पत्र  अड्रेस प्रूफ बच्चे और माता पिता कीता खोलने लिए सबसे पहले फॉर्म भरें और उसके साथ सारे दस्तावेजों को जमा करें, फिर फोटो के साथ

कम से कम 1000 रुपए जमा करें। अकाउंट या खाता खुलने के बाद आप पैसे चेक या डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा भी जमा कर सकते हैअधिकतम तीन खाते खोले जा सक व्यक्ति

 द्वारा अधिकतम दो से तीन खाते खोले जा सकते हैं। इस योजना में दो ही खाते का प्रावधान है लेकिन अगर जुड़ुवा लड़की है तो इस संबंध में

Hai Teri Yaad Mein Kitne

Hai Teri Yaad Mein Kitne




यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लंबी अवधि के लिए चाहिए तो उसके पास यह विकल्प भी होगा कि वह बैंक को निर्देश देकर योजना के खुद-ब-खुद नवीनीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेएमएसबीवाय कौन क्रियान्वित करेसरकार-प्रायोजित सामान्य

 बीमा कंपनियां यह योजना पेश करेंगी। जबकि अन्य बीमा कंपनियों के पास विकल्प होगा कि वह बैंकों के साथ अनुबंध कर इन योजनाओं के तहत प्रोग्राम डिलीवरी में शामिल हो जाएुझे

स्कीम में शामिल होने से किसी तरह का टैक्स लाभ होगतग्राहियों के बैंक खाते से काटी जाने वाली पूरी प्रीमियम धारा 80सी के तहत करमुक्त होगी। इतना ही नहीं, इस योजना के तहत मिलने

वाली एक लाख रुपए तक की राशि धारा 10(10डी) के तहत कर मुक्त होगी। एक लाख रुपए से ज्यादा राशि होने पर 2 प्रतिशत की दर से टीडीएस काट लिया जाएगा।

 1991 के 945 संख्या के 2001 में 927 पहुँचने और 2011 में इस संख्या के 918 पहुँचने पर इसे खतरे में मानते हुए इसे सुधारने के प्रयास शुरु किये गये हैं। लिंग अनुपात

में गिरावट सीधे तौर पर महिलाओं के समाज में स्थान की और इशारा करता है जो जन्म पूर्व लिंग भेदभाव और उसके चयन को लेकर किये जा रहे पक्षपात की बात करता है।

 चिकित्सीय सुविधाओं की सरल उपलब्धता और नवीन तकनीक जन्म पूर्व बच्चे के चयन को संभव बनाकर निम्न लिंग अनुपात घटाने में आलोचनात्मक रुप में सामने आहिलाओं एवं बाल

विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की एक संयुक्त पहल के रुप में समन्वित और अभिसरित प्रयासों के अंतर्गत बालिकाओं को संरक्षण और सशक्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना

 यदि फॉर्म 15एच या फॉर्म 15जी बीमा एजेंसी में जमा किया तो यह टैक्स नहीं कटेजूदा सरकार को एक ही बार में तीन बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ीनमंत्री

 नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार का एक सा का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। यह महसूस किया गया कि उनके प्रदर्शन का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।

एक साल सत्ता में रहने के बाद भी चुनावी वादों और वास्तविकताओं में बहुत बड़ा अंतर हैर इस बात को लेकर आलोचनाओं से घिर गई कि सरकार र्च करने में गति नहीं बढ़ा पा रही है।

खासकर बुनियादी ढांचे और विनिर्माण के क्षेत्र में, जहां इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है। संसद में कई विधेयक लंबित हैं, जिनसे इन क्षेत्रों को काफी उम्मीदें हैं। इनमें गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और प्रमुख जमीन अधिग्रहण विधेयक शामिल है।

Friday, 31 May 2019

Hai Ki Mein Jaake So Jao

Hai Ki Mein Jaake So Jao





 सरकार इस वजह से न केवल इन सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की घोषणाओं को लेकर उत्सुक थी, बल्कि विभिन्न तबकों में पर्याप्त प्रचार-प्रसार भी चाहती थी।

खासकर उन लोगों के बीच जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हैसच है कि जन-धन योजना के तहत खोले गए बैंक खातों से केंद्र सरकार ने एक बेहतरीन सफलता हासिल की है, यह भी उतना ही सच है कि इनमें से ज्यादातर खातों

 में षून्य या बहुत कम पैसा जमा है। ऐसे में इन खातों को जिन उद्देश्यों के साथ खोला गया था, वह कहीं न कहीं परिपूर्ण होते नजर नहीं आतेमएसबीवाय योजना

को अलग-अलग तबकों में लागू करने में एक साल का वक्त लग जाएगा। अगले साल इसी वक्त पर हकीकत की जांच हो सकेगी कि क्या लक्ष्य रखा गया था और कितना हासिल हुआ है। इसका वास्तविक असर क्या हुआबीच,

आम लोग उत्साहित और उम्मीदवान है कि प्रधानमंत्री मोदी अपने वादों पर खरे उतरेंगे। भारत को तेज विकास की राह पर आगे ले जाएंगे। पीएमएसबीवाय योजना मौजूदा

 की शुरुआत की गई और जिसे लिंग अनुपात वाले 100 जिलों में प्रारंभ किया गया जिसे बढ़ाकर कुल 161 जिले कर दिये गये हलिका का गुणगान करें और उसे शिक्षा ग्रहण

के लिएभी राज्यों / संघ शासित क्षेत्रों को कवर 2011 की जनगणना के अनुसार निम्न बाल लिंग अनुपात के आधार पर प्रत्येक राज्य में कम से कम एक जिले के साथ

100 जिलों का एक पायलट जिले के रुप में चयन किया गया है और जिलों के चयन के लिए तीन मानदंड इस प्रकार हैंष्ट्रीय औसत से नीचे जिले (87 जिले/23 राष्ट्रीय औसत के बराबर गिरावट का

 रुख (8 जिले/8 राष्ट्रीय औसत से और लिंगानुपात की बढ़ती प्रवृत्ति वाले राज्यों के जिले/5 राज्यों का चुनाव जिन्होंने अपने लिंगानुपात के स्तर को बनाए

 रखे और जिनके अनुभव से सीख कर अन्य स्थानों पर दोहराया जा सकेंहिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना को 61 अतिरिक्त जिलों में (11 राज्य

सरकार की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगएमएसबीवाई अन्तर्गत जानकारी के लिए प्रश्न यहाँ पूछेंमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाय) पर किसी भी प्रश्न का जबाब पाने के लिए, कृपया यहां लॉग इन करेंपोस्ट को लॉन्च

किए जाने से पहले, 2 सितंबर 2015 तक 8,46,18,155 लोग पहले से ही इस योजना के लिए पंजीकृत हो चुके हैं द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल नामांकन: 21 दिसंबर, 2015 तक 92,688,166 लोग पहले ही इस योजना के

लिए पंजीकृत हो चुके ह द्वारा रिपोर्ट किए गए कुल नामांकन: 16 अप्रेल, 2016 तक 94,139,019 लोग पहले ही इSarkari Yojधानमंत्री जनmp to navigationJump to seaप्रधानमंत्री जन धन योजना (संक्षेप में - पीएमजेडीवाई)

Detergent Jo Apna Suno Aaj

Detergent Jo Apna Suno Aaj






भारत में वित्तीय समावेशन पर राष्‍ट्रीय मिशन है और जिसका उद्देश्‍य देश भर में सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाएं मुहैया कराना और हर परिवार का बैंक खाता खोलना है।

[2] इस 8योजना की घोषणा 15 अगस्त 2014 को तथा इसका शुभारंभ 28 अगस्त 2014 को भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया।[3] इस परियोजना की औपचारिक शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री ने सभी बैंको को इ-मेल 

भेजा जिसमें उन्होंने 'हर परिवार के लिए बैंक खाता' को एक ‘राष्‍ट्रीय प्राथमिकता’ घोषित किया और सात करोड़ से भी अधिक परिवारों को इस योजना में प्रवेश देने और 

उनका खात खोलने के लिए सभी बैंको को कमर कसने को कह उद्घाटन के दिन हपीएमजेडीवाई के अंतर्गत 6 स्तंभों के अंतर्गत व्यापक वित्तीय समावेशन का लक्ष्य रखा गया म चरण 

(15 अगस्त 2014 से 14 अगस्त 2015)सुविधाओं तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करमहीने बाद रुपये 10000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा के साथ बुनियादी बैंक खाते और 2 लाख रुपये के अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर के साथ 

रुपया डेबिट कार्ड और रुपया किसान कार्ड सुविधा प्रदान करनात्तीय साक्षरता कार्यक्रमतीय चरण (15 अगस्त 2015 से 15 अगस्त 2018)ट खातों में चूक कवर करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापन बीमालम्बन जैसी

 असंगठित क्षेत्र बीमा योसके अतिरिक्त इस चरण में पर्वतीय, जनजातीय और दुर्गम क्त्रों में रहने वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस चरण में

 परिवार के शेष व्यस्क सदस्यों और विद्यार्थियों पर भी ध्यान केंद्रितसतन 3-4 गांवों केपरिवारों वाले देश के सभी ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों को सब-सर्विस एरिया

 शामिल) विस्तारित कर दिया है। नए जिलों के बारे में जानने के लिए क्लिक करेंक्षपाती लिंग चुनाव की प्रक्रिया का उन्बालिकाओं का अस्तित्व और सुरक्षा सुनिश्चितलिकाओं

की शिक्षा सुनिश्चित करलिका और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक सामाजिक आंदोलन और समान मूल्य को बढ़ावा देने के लिए जागरुकता अभियान का कार्यान्वय कस

मुद्दे को सार्वजनिक विमर्श का विषय बनाना और उसे संशोधित करने रहना सुशासन का पैमाना बनेम्न लिंगानुपात वाले जिलों की पहचान कर ध्यान देते हुए गहन और एकीकृत कार्रवाई

करनामाजिक परिवर्तन लाने के लिए महत्वपूर्ण स्त्रोत के रुप में स्थानीय महिला संगठनों/युवाओं की सहभागिता लेते हुए पंचायती राज्य संस्थाओं स्थानीय निकायों और जमीनी स्तर पर जुड़े

कार्यकर्ताओं को प्रेरित एवं प्रशिक्षित करते हुए सामाजिक परिवर्तन के प्रेरक की भूमिका में ढालनला/ ब्लॉक/जमीनी स्तर पर अंतर-क्षेत्रीय और अंतर-संस्थागत समायोजन को सक्षम करनबेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ पर जनसंचार अभियान

(एसएसए) में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें पूर्वोत्तर/पर्वतीय राज्यों को छूट दी जाएग प्रस्ताव है कि अगले 3 वर्षों में प्रत्येक केंद्र की व्यवहार्यता को

Thursday, 30 May 2019

Beta Ke Manega Khake

Beta Ke Manega Khake





 देखते हुए 2000 से अधिक आबादी वाले 74000 गांवों को स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत व्यापार प्रतिनिधियों द्वारा कवर किया जाएगा और ऐसे केंद्रों को पूर्ण शाखाओं के रूप में परिवर्तित करने पर विचार किया जाएगा जहां

कर्मचारी काम कर रहे मूचे देश में सभी 6 लाख गांवों को सर्विस एरिया के साथ जोड़ा जाएगा, जिनमें प्रत्येक बैंक सब-सर्विस एरिया वाले 1000 से 1500 परिवारों

की जरूरतें एक निश्चित बैंकिंग बिंदु से करेगा। यह प्रस्ताव है कि सब-सर्विस क्षेत्रों को बैंकिंग केंद्रों अर्थात् शाखा बैंकिंग और शाखा रहित बैंकिंग के जरिए कवर किया जाएगा। शाखा बैंकिंग का अर्थ है, ईंट गारे से बना परंपरागत शाखाएं।

 शाखा रहित बैंकिंग के अंतर्गत एक नियत बिंदु व्यापार प्रतिनिधि एजेंट की सेवाएं शामिल हैं जो बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक के प्रतिनिधि के रूप में काम करेजना की कार्यान्वयन नीति यह है कि वर्तमान बैंकिंग ढांचे का

उपयोग किया जाए और सभी परिवारों को कवर करने के लिए उसका विस्तार भी किया जाए। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब तक कवर न हुए परिवारों के बैंक खाते

खोलने के लिए मौजूदा बैंकिंग नेटवर्क को भलीभांति तैयार किया जाएगा। विस्तार कार्य के अंतर्गत 50000 अतिरिक्त व्यापार प्रतिनिधियों की व्यवस्था, 7000 से अधिक

शाखाओं और 20000 से अधिक नए एटीएम भी पहले चरण के दौरान स्थापित करने का प्रस्ताव देखा गया था कि सुप्त खातों पर बैंकों की लागत अधिक आती है औरलाभार्थियों को कोई लाभ नहीं होता।

इस तरह बड़ी संख्या में खोले गए खातों के सुप्त पड़े रहने के पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए व्यापक योजना अनिवार्य  नए कार्यक्रम में सभी सरकारी लाभों

केंद्र/राज्य/स्थानीय निकाय) को बैंकों के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के तहत लाने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत एलपीजी योजना में
 
देशव्यापी अभियान 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ शुरु करने के साथ यह कार्यक्रम प्रारंभ होगा जिसमें बालिका के जन्म को जश्न के रुप में मनाने के साथ उसे शिक्षा ग्रहण करने में सक्षम बनाया जाएगा।

अभियान का उद्देश्य लड़कियों का जन्म,पोषण और शिक्षा बिना किसी भेदभाव के हो और समान अधिकारों के साथ वे देश की सशक्त नागरिक बनेंज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के निम्न

लिंगानुपात वाले 161 संकटग्रत जिलों में बहुक्षेत्रीय शुरुआलाओं एवं बाल विकास मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के परामर्श से बहुक्षेत्रीय कार्यों को तैयार किया गया है।

 बहुक्षेत्रीय कार्यों का संज्ञान लेते हुए संदर्भित क्षेत्रों,राज्यों एवं जिलों में निम्न लिंगानुपात को सुधारने के लिए परिणामप्रेक्षित और संकेतकों को एक साथ उपयोग में लाया