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डीबीटी फिर शामिल की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित महात्मा गांधी नरेगा कार्यक्रम को भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना में शामिल किए जाने की संभावना जना के
कार्यान्वयन में विभाग की सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता/समूह की सेवाएं ली जाएंह भी प्रस्ताव है कि कार्यक्रम को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर और प्रत्येक राज्य की राजधानी तथा
सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ शुरू किया जाएर्यक्रम की प्रगति की रिपोर्टिंग/निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। विभिन्न पक्षों जैसे केंद्र सरकार, राज
सरकारों के विभागों, रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनपीसीआई और अन्य की भूमिकाओं को परिभाषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के व्यापार प्रतिनिधियों के रूप में ग्राम दल सेवकों की नियुक्ति का प्रस्ताव संचार विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह
कनेक्टिविटी कम होने या न होने की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 5.93 लाख गांवों में
से करीब 50000 दूर संचार सम्पर्क के अंतर्गत कवर नहीं किए गए है अगस्त 2014 को
योजना के उद्घाटन के दिन भारत भर में समस्त बैंकों द्वारा एक साथ लगभग 60,000 शिविर लगाए गए।[5] परिणामस्वरूप, योजना के पहले दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व अवसर को भारत के लिए 'वित्तीय
स्वतंत्रता दिवस' बताया।[4] 2 अक्तूबर 2014 तक पीएमजेडीवाई में 5.29 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 3.12 करोड़ और शहरी क्षेत्र के 2.17 करोड़ खाते शामिल हैं।
करोड़ खातों में रुपे कार्ड जारी किया गया।[6] केन्द्र शासित प्रदेश पुदुचेरी और चंडीगढ़ तथा गुजरात के मेहसाणा और पोरबंदर जिलों में बैंकिंग सुविधाओं के प्रावधान के साथ समस्त परिवारों को
जाएगा।रियोजना कार्यान्वयनद्र स्तर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इस योजना के बजटीय नियंत्रण और प्रशासन के लिए जिम्मेदार होगा।
राज्य स्तर पर, सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग समग्र दिशा और योजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे। प्रस्तावित योजना की संरचना को
निम्नानुसार देखा जा सकता हष्ट्रीय स्तरहिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय,
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, विकलांगता मामलों से संबंधित विभाग और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, जेंडर विशेषज्ञों एवं सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को
मिलाकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए एक कार्य दल का गठन मार्गदर्शन,समर्थन प्रशिक्षण विषय सामग्री
डीबीटी फिर शामिल की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित महात्मा गांधी नरेगा कार्यक्रम को भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना में शामिल किए जाने की संभावना जना के
कार्यान्वयन में विभाग की सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता/समूह की सेवाएं ली जाएंह भी प्रस्ताव है कि कार्यक्रम को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर और प्रत्येक राज्य की राजधानी तथा
सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ शुरू किया जाएर्यक्रम की प्रगति की रिपोर्टिंग/निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। विभिन्न पक्षों जैसे केंद्र सरकार, राज
सरकारों के विभागों, रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनपीसीआई और अन्य की भूमिकाओं को परिभाषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के व्यापार प्रतिनिधियों के रूप में ग्राम दल सेवकों की नियुक्ति का प्रस्ताव संचार विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह
कनेक्टिविटी कम होने या न होने की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 5.93 लाख गांवों में
से करीब 50000 दूर संचार सम्पर्क के अंतर्गत कवर नहीं किए गए है अगस्त 2014 को
योजना के उद्घाटन के दिन भारत भर में समस्त बैंकों द्वारा एक साथ लगभग 60,000 शिविर लगाए गए।[5] परिणामस्वरूप, योजना के पहले दिन ही 1.5 करोड़ बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री ने इस अभूतपूर्व अवसर को भारत के लिए 'वित्तीय
स्वतंत्रता दिवस' बताया।[4] 2 अक्तूबर 2014 तक पीएमजेडीवाई में 5.29 करोड़ खाते खोले गए, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के 3.12 करोड़ और शहरी क्षेत्र के 2.17 करोड़ खाते शामिल हैं।
करोड़ खातों में रुपे कार्ड जारी किया गया।[6] केन्द्र शासित प्रदेश पुदुचेरी और चंडीगढ़ तथा गुजरात के मेहसाणा और पोरबंदर जिलों में बैंकिंग सुविधाओं के प्रावधान के साथ समस्त परिवारों को
जाएगा।रियोजना कार्यान्वयनद्र स्तर पर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय इस योजना के बजटीय नियंत्रण और प्रशासन के लिए जिम्मेदार होगा।
राज्य स्तर पर, सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग समग्र दिशा और योजना के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार होंगे। प्रस्तावित योजना की संरचना को
निम्नानुसार देखा जा सकता हष्ट्रीय स्तरहिला एवं बाल कल्याण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय,
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, विकलांगता मामलों से संबंधित विभाग और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, जेंडर विशेषज्ञों एवं सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों को
मिलाकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के लिए एक कार्य दल का गठन मार्गदर्शन,समर्थन प्रशिक्षण विषय सामग्री

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