Monday, 3 June 2019

Pata Nahin Hua Hai

Pata Nahin Hua Hai







धान मंत्री सुरक्षा बीमा योजनादुर्घटना बीमा योन मंत्री सुरक्षा रत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और फ्लैगशिप सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू की हैः प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना

 (पीएमएक दुर्घटना मृत्यु और विकलांगता बीमा योजना है।रत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा ग्रामीण इलाकों में रहता है और उनमें से ज्यादातर किसी भी सामाजिक सुरक्षा योजना

 आपको प्रमाण पत्र पेश करना होगा जिसके बाद आप तीसरा खाता खुलवा सकते हैं। किसी भी दशा में 3 से अधिक खाता नहीं खोला जा सकता है। खाते में न्यूनतम राशि 250 रुपए 

अधिकतम राशि 1,50,000 वार्षिक जमा की जा सकती हैजना की ब्याज दर घटस खाते की कुल अवधि 21 साल है और इस खाते पर ब्याज 8.40% का है। हाल ही 

में केंद्र सरकार ने छोटी बचत योजनाओं से 0.1 फीसदी ब्याज की कटौती की थी जिसके बाद इन खातों पर भी मिलने वाला ब्याज कम हो गया है। इस योजना के तहत 

मिलने वाला ब्याज परिवर्तनीय होता है। योजना में आपको आयकर अधिनियम, 1961 की धारा (सी) के अंतर्गत टैक्स की छूट दी ज साल वर्ग में 1000 लड़कों के बीच

 परिभाषित बाल लिंग अनुपात में प्रतिलड़कियों की संख्या में गिरावट की प्रवृत्ति, 1961 से लगातार देखी जा रही है।

 के दायरे में नहीं आते। इस आबादी के एक बड़े तबके को तो अब तक बैंकिंग प्रणाली का भी लाभ नहीं मिला है। ज्यादातर को अब भी समय-समय पर शुरू की गई कई सरकारी योजनाओं की 

जानकारी नहीं मिली हैधारण और गरीब लोगों की जिंदगी में शामिल इस गंभीर असंगति को ठीक करने के लिए भारत के प्रधान मंत्री ने 9 मई 2015 को कोलकाता में 

पीएमएसबीवाय योजना शुरू की। इसके साथ ही दो अन्य बीमा और पेंशन योजनाएं भी शुरू की गई। इन योजनाओं को लेकर सरकार की गंभीरता का अंदाजा इसी बात

 से लगाया जा सकता है कि इनकी सफलता के लिए वरिष्ठ कैबिनेट मंत्रियों को राज्यों की राजधानियों और बड़े नगरों में भेजा गया। ताकि एक साथ कई जगहों से इन 

योजनाओं का शुभारंभ हो सके। साथ ही सफल क्रियान्वयन भी सुनिश्चित होवर्ती सरकारों की ओर से शुरू की गई अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से यह योजना किस 

तरह मएसबीवाय के दो प्रमुख पहलू है, इससे इसके पेश करने का नजरिया अलग हो जाता है। पहला, समावेशन का शुद्ध आकार और गहराई, इस योजना का फायदा 

अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना, जो इसे बहुत महत्वाकांक्षी और चुनौतीपूर्ण बनाता , यदि किसी परिवार का कमाऊ सदस्य दुर्घटना में स्थायी रूप से विकलांग हो 

जाता है या उसकी मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सहयोग या संरक्षण के लिए कोई संस्था या समूह आगे नहीं

Saturday, 1 June 2019

Mein Hi Tha Ho Gaya Abhi Hi

Mein Hi Tha Ho Gaya Abhi Hi




पीएमएसबीवाय योजना में शामिल होकर और सिर्फ 12 रुपए प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष प्रीमियम चुकाकर वह बीमा कवर हासिल कर लेगा। दुर्घटना में मौत या स्थायी तौर पर विकलांगता पर

2,00,000 (दो लाख) रुपए या आंशिक लेकिन स्थायी विकलांगता होने पर 1,00,000 (एक लाख) रुपए का बीमा मिलेगा। यह योजना एक साल के लिए वैध रहेगी।

इसका हर साल नवीनीकरण किया जा सकता -सी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को घर के पास वित्तीय प्रणाली अधोसंरचना की कमी की वजह से लोगों से

 अच्छा प्रतिसाद नहीं मिला। इतना ही नहीं, खाते खोलने या दावे करने में जो कागजी कार्यवाही करनी पड़ती थी, वह बहुत ज्यादा थी। यहां तक कि प्रणाली में लीकेज (भ्रष्टाचार)

की वजह से भी बड़ा तबका इन योजनाओं का फायदा उठाने से दूर ही रहा। इन समस्याओं को मौजूदा सरकार ने दूर करने की कोशिश की है। सामाजिक योजनाओं के निष्पादन

और तंत्र की निगरानी के लिए टेक्नोलॉजी का भरपूर इस्तेमाल किया जा रहा है। सभी भुगतान हितग्राही के अकाउंट में सीधे होंगे, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी नहीं रहेगएसबीवाय के

 तहत कौन पात्रऔर 70 वर्ष आयु समूह के बीच का कोई भी व्यक्ति, जिसका बचत बैंक खाता और आधार कार्ड हो, वह इस योजना से जुड़ सकता ह आसान फॉर्म भरना होगा, नॉमिनी का नाम लिखना होगा और आधार कार्ड को बैंक खाते से लिंक करना होगा।

 व्यक्ति को हर साल एक जून से पहले इस योजना में बने रहने के लिए फॉर्म जमा करना होगा। इससे खाता आसानी से सक्रिय किया जा सकता है और पूरा प्रीमियम उसके खाते से खुद-ब-खुद काट लिया जाएगा।

अन्य शब्दों में, व्यक्ति को सिर्फ बैंक खाता खोलना होगा और फिर सुनिश्चित करना होगा कि हर साल 1 जून से पहले कम से कम 12 रुपए खाते में उपलब्ध रहे। ताकि योजना का नवीनीकरण हो जाए।

 पहला- कि आप अपने नजदीकी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में जाएं और वहां शाखा प्रबंधक से इस विषय में जानकारी मांगे। शाखा प्रबंधक आपको इस योजना के विषय में हर बात बताएंगे

 दूसरा तरीका है कि आप इंटरनेट के माध्यम से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जाएं और सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कता

खोलने के लिए जरूरी दस्तावेकी के जन्म का प्रमाण पत्र  माता-पिता का फोटो पहचान पत्र  अड्रेस प्रूफ बच्चे और माता पिता कीता खोलने लिए सबसे पहले फॉर्म भरें और उसके साथ सारे दस्तावेजों को जमा करें, फिर फोटो के साथ

कम से कम 1000 रुपए जमा करें। अकाउंट या खाता खुलने के बाद आप पैसे चेक या डिमांड ड्राफ्ट के द्वारा भी जमा कर सकते हैअधिकतम तीन खाते खोले जा सक व्यक्ति

 द्वारा अधिकतम दो से तीन खाते खोले जा सकते हैं। इस योजना में दो ही खाते का प्रावधान है लेकिन अगर जुड़ुवा लड़की है तो इस संबंध में

Hai Teri Yaad Mein Kitne

Hai Teri Yaad Mein Kitne




यदि किसी व्यक्ति को इस योजना का लाभ लंबी अवधि के लिए चाहिए तो उसके पास यह विकल्प भी होगा कि वह बैंक को निर्देश देकर योजना के खुद-ब-खुद नवीनीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित करेएमएसबीवाय कौन क्रियान्वित करेसरकार-प्रायोजित सामान्य

 बीमा कंपनियां यह योजना पेश करेंगी। जबकि अन्य बीमा कंपनियों के पास विकल्प होगा कि वह बैंकों के साथ अनुबंध कर इन योजनाओं के तहत प्रोग्राम डिलीवरी में शामिल हो जाएुझे

स्कीम में शामिल होने से किसी तरह का टैक्स लाभ होगतग्राहियों के बैंक खाते से काटी जाने वाली पूरी प्रीमियम धारा 80सी के तहत करमुक्त होगी। इतना ही नहीं, इस योजना के तहत मिलने

वाली एक लाख रुपए तक की राशि धारा 10(10डी) के तहत कर मुक्त होगी। एक लाख रुपए से ज्यादा राशि होने पर 2 प्रतिशत की दर से टीडीएस काट लिया जाएगा।

 1991 के 945 संख्या के 2001 में 927 पहुँचने और 2011 में इस संख्या के 918 पहुँचने पर इसे खतरे में मानते हुए इसे सुधारने के प्रयास शुरु किये गये हैं। लिंग अनुपात

में गिरावट सीधे तौर पर महिलाओं के समाज में स्थान की और इशारा करता है जो जन्म पूर्व लिंग भेदभाव और उसके चयन को लेकर किये जा रहे पक्षपात की बात करता है।

 चिकित्सीय सुविधाओं की सरल उपलब्धता और नवीन तकनीक जन्म पूर्व बच्चे के चयन को संभव बनाकर निम्न लिंग अनुपात घटाने में आलोचनात्मक रुप में सामने आहिलाओं एवं बाल

विकास मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और परिवार कल्याण मंत्रालय एवं मानव संसाधन विकास की एक संयुक्त पहल के रुप में समन्वित और अभिसरित प्रयासों के अंतर्गत बालिकाओं को संरक्षण और सशक्त करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना

 यदि फॉर्म 15एच या फॉर्म 15जी बीमा एजेंसी में जमा किया तो यह टैक्स नहीं कटेजूदा सरकार को एक ही बार में तीन बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम शुरू करने की जरूरत क्यों पड़ीनमंत्री

 नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार का एक सा का कार्यकाल पूरा होने जा रहा है। यह महसूस किया गया कि उनके प्रदर्शन का बारीकी से विश्लेषण किया जाएगा।

एक साल सत्ता में रहने के बाद भी चुनावी वादों और वास्तविकताओं में बहुत बड़ा अंतर हैर इस बात को लेकर आलोचनाओं से घिर गई कि सरकार र्च करने में गति नहीं बढ़ा पा रही है।

खासकर बुनियादी ढांचे और विनिर्माण के क्षेत्र में, जहां इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है। संसद में कई विधेयक लंबित हैं, जिनसे इन क्षेत्रों को काफी उम्मीदें हैं। इनमें गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) और प्रमुख जमीन अधिग्रहण विधेयक शामिल है।